वैसे तो इस देश में भ्रष्टाचार के बारे में कोई सुधार होता दिखता नहीं फ़िर भी इस समाचार को पढने के बाद ऐसा लगता है कि कुछ सुधार हो सकता है।
इस समाचार में यह लिखा है कि एक लेखा परीक्षक (Auditor) का तबादला उसके एक जगह पर आने के एक साल के भीतर कर दिया [...]
Entries Tagged as 'हमें देखना है'
सूचना का अधिकार
March 27th, 2006 · No Comments
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सचिन तेन्डुलकर से आशायें?
March 20th, 2006 · No Comments
मेरा हमेशा से यह मानना था कि सचिन तेन्डुलकर एक महान खिलाड़ी हैं। इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता है। पर कल के बाद मेरा यह मानना है कि सचिन के क्रिकेट की चर्मावस्था खतम हो चुकी है। ऐसा हो सकता है कि सचिन अब भी अच्छा खेलें पर उनका अब के बाद [...]
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भारतीय समाज की दयनीय हालत
March 6th, 2006 · No Comments
आज सुबह एक परेशान करने वाला समाचार पढा। इस समाचार को पढने के बाद कभी कभी भारतीय समाज पर दया आती है तो कभी गुस्सा। इस समाचार के दो पहलू हैं जो कि मुझे अत्यन्त ही परेशान करते हैं।
यह व्यक्ति (सौरभ गोयल) भारत में शायद एक प्रतिशत सबसे ज्यादा पैसा कमाने वालों में से है [...]
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कम्युनिष्ट और जॉर्ज बुश
February 28th, 2006 · No Comments
आज कल कम्युनिष्ट दल जॉर्ज बुश की भारत यात्रा के विरोध में दिल्ली की सडकों पर दीवालों पर नारे पोत रहें हैं। अब मुझे जॉर्ज बुश से तो कोई विशेष प्रेम नहीं है पर मेरी यह समझ नहीं आता है कि जब यही दल आज तक किसी के विरोध में नहीं बोले तो बुश ने [...]
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सलमान खान और उनके चाहने वाले
February 22nd, 2006 · No Comments
जैसा कि आप सब जानते हैं कि पिछले दिनों सलमान खान को कुछ चिंकारों को मारने के अपराध में दोषी पाया गया। मेरे हिसाब से यह अच्छी बात है कि काफ़ी दिनों बाद किसी अमीर आदमी को सजा मिली। इसके बाद मेरी नजर इस अर्टिकल पर गयी। श्रीमान अमजद के. मारूफ़ का कहना है कि [...]
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आभिषेक और एश्वर्या की शादी
February 12th, 2006 · 1 Comment
भारतीय मीडिया के पास अब वाकी कुछ भी नहीं बचा है। कल रात मे राजदीप सरदेसाई अपने नये चैनल में इस बात की चर्चा कर रहे थे कि रंग दे बसंती कैसे इस देश में इंकलाब लायेगी और आज सारे अखबार और टीवी चैनल इस बाले में बहुत मशरूफ़ हैं कि अभिषेक और एश्वर्या शायद [...]
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मुलायम और कम्युनिष्टों का ईरान से आकस्मिक प्रेम
February 12th, 2006 · No Comments
आज दिन भर टीवी चैनलों पर यह बात की जा रही थी कि मुलायम सिंह यादव एक तीसरा मोर्चा बनाने जा रहें है जो कि यूपीए की सरकार के खिलाफ़ संसद में अविस्वास प्रस्ताव ले कर आएगा और चंद्रबाबू नायडू ने इस प्रस्ताव को समर्थन देने का फ़ैसला किया है। यह चंद्रबाबू वही हैं जो [...]
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ईरान और कमुनिस्ट
February 5th, 2006 · No Comments
मेरी कम्युनिस्टों से कोइ निजी दुश्मनी नहीं है पर इस सप्ताह उनके सिवाय और कोई ऐसा काम ही नहीं कर रहा हय जिस पर मैं कोई वक्तव्य करूं। अब इस खबर को ही लीजिये, पता नहीं इनको ईरान से इतना प्रेम क्यूं हो गया है। जहाँ तक मुझे समझ आता है, भारत के पास ईरान [...]
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वामपंथी दल और देश का बंटाढार
January 31st, 2006 · 1 Comment
आज की ताजी खबर है कि दिल्ली और मुंबई हवाईअड्डों के आधुनिकीकरण के लिये केंद्र सरकार ने दो निजी कंपनियों को चुना है| इसको सुनते ही सीताराम येचूरी, डी राजा और उनके कम्युनिस्ट बन्धु सड़कों पर आ गये और अब ये लोग चाहते हैं कि हवाई अड्डा प्राधिकरण ही इन हवाई अड्डों का आधुनिकीकरण करे| [...]
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मुख्य धारा से जुड़े समाचार पत्रों की मूर्खता
January 30th, 2006 · No Comments
द टाइम्स आफ़ इन्डिया देश का सबसे बड़ा समाचार पत्र है पर इसके संपादकों को भी आज कल मूर्खता ही सूझती है| कोई मुझे बताये इस समाचार का क्या मतलब है| इसको पढने के बाद तो यह लगता है कि अब सभी को अपने समाचार पत्र खुद ही छापने पड़ेगें|
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