मुंबई के बम धमाकों के बाद पाकिस्तान के सर्वेसर्वा परवेज मुशर्रफ़ ने कहा है कि शांति वार्ता स्थगित करना, आतंकवादियों के हाथों में खेलने के बराबर होगा। मुझे उनकी बात में दम तो लगता है पर समस्या यह है कि वो अपने को इस बात के लिये बिलकुल जिम्मेदार नहीं मानते हैं। शांति वार्ता जारी करने का सबसे साधारण तरीका तो मुशर्रफ़ के पास ही है। वो अपने पालतू कुत्तों को बस जरा संभाल के रहें।
मुशर्रफ़ की नयी करतूत
July 21st, 2006 · No Comments
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