आजकल मीडिया (समाचार पत्र, टीवी, रेडियो) जुर्म से संबंधित समाचारों को दिखाने में बहुत व्यस्त है। इस विषय में मुझे एक बड़ी समस्या है। कोई भी जुर्म होने पर मीडिया इस बारे में विस्तार से विचार करने लगता है कि मुजरिम ने यह जुर्म क्यों किया। अब श्री प्रमोद महाजन पर किये गये हमले को ही देखिये, मीडिया इस बात में व्यस्त है कि प्रवीण महाजन ने हमला क्यों किय जैसे कि हमला करने के कारण को जानने के बाद किसी तरह से हमले को जायज करार दिया जा सकता है। मेरे हिसाब से तो कोई भी कारण हो पर किसी को भी यह हक नहीं बनता कि वो किसी दूसरे पर गोली चलाये।
जुर्म और मीडिया
April 25th, 2006 · No Comments
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