मेरा हमेशा से यह मानना था कि सचिन तेन्डुलकर एक महान खिलाड़ी हैं। इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता है। पर कल के बाद मेरा यह मानना है कि सचिन के क्रिकेट की चर्मावस्था खतम हो चुकी है। ऐसा हो सकता है कि सचिन अब भी अच्छा खेलें पर उनका अब के बाद का खेल एक साधारण खिलाड़ी के खेल जैसा ही होगा। उनसे अब कोई बड़ी उम्मीद नहीं की जा सकती है।
सचिन तेन्डुलकर से आशायें?
March 20th, 2006 · No Comments
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