आज की ताजी खबर है कि दिल्ली और मुंबई हवाईअड्डों के आधुनिकीकरण के लिये केंद्र सरकार ने दो निजी कंपनियों को चुना है| इसको सुनते ही सीताराम येचूरी, डी राजा और उनके कम्युनिस्ट बन्धु सड़कों पर आ गये और अब ये लोग चाहते हैं कि हवाई अड्डा प्राधिकरण ही इन हवाई अड्डों का आधुनिकीकरण करे| इन अकल के दुश्मनों को यह कौन समझाये कि इतने सालों तक इन सरकारी कर्मचारियों को कौन रोक रहा था अपना काम करने से| यहां तक कि हवाई अड्डों की सफ़ाई तक नहीं करते हैं येह लोग| वामपंथी दल अभी भी यह सोचते हैं कि ये सरकारी संस्थान कर्मचारियों की सुविधा के लिये बनाये गयें हैं| भगवान भला करे इस देश का, मेरी तो दिली गुजारिश है मेरे बंगाली बंधुओं से, इस देश पर दया करें और इन अकल के दुशमनों को अगले चुनाव में हरा दें|
वामपंथी दल और देश का बंटाढार
January 31st, 2006 · 1 Comment
Tags: हमें देखना है
1 response so far ↓
1 Abhinav Agarwal // Feb 3, 2006 at 8:36 pm
Bewakuf insaan ke sar par seengh hote to door se khabardar ho sakte hai log. Par communists ke sar par nahi hote. Isi liye unki pahchaan der se hoti hai.
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