इस समाचार को पढ कर एक बात साफ़ हो जाती है कि वाम पंथी दल जब यह कहते है कि नवरत्ना अर्ध सरकारी संस्थानों मे विनिवेश के वो क्यों खिलाफ़ हैं| वाम पंथी दल यह चाहते हैं कि तीन चार साल में तो नवरत्ना अर्ध सरकारी संस्थान घाटे में जा कर इस योग्य ही नहीं रहेगे कि उनका विनिवेश किया जा सके तो सरकार क्यों अपना वक्त बरबाद कर रही है| किसी ने कहा है कि बरबाद गुलिस्तां करने को बस एक ही उल्लू काफ़ी है| अंजाम ए गुलिस्तां क्या होगा, हर शाख पर उल्लू बैठे हैं|
वाम पंथी दलों की ऊंची सोच
January 30th, 2006 · 1 Comment
Tags: हमें देखना है
1 response so far ↓
1 Abhinav Agarwal // Feb 1, 2006 at 8:57 pm
Excellent. I am going to write a longish post on the treachery of the communists over the years in India. Hopefully soon enough.
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