इस समाचार को पढने के बाद यह बात साफ़ हो जाती है कि भारत में इतने दिनों के बाद भी सुरक्षाबल किसी भी आतंकवाद से ग्रस्त जगह सफ़लता क्यों नहीं पा सके हैं| अब हमें कोई यह बताये कि एक मंदिर में बी एस एफ़ को किसी से पंगा लेने की क्या जरूरत थी|
जब खेत ही बाड़ चरने लगे तो
January 30th, 2006 · No Comments
Tags: हमें देखना है
0 responses so far ↓
There are no comments yet...Kick things off by filling out the form below.
You must log in to post a comment.